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बिहार को डेमोक्रेटिक कारपोरेट बनाने की वकालत

आंकड़ों के सहारे अब तक विकास का ढोल पीटने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष एक विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने बिहार जैसे गरीब राज्य को कारपोरेट के रुप में विकसित करने की वकालत की। सबसे अधिक आश्चर्य यह कि जे पी के संपूर्ण क्रांति का दम भरने वाले श्री कुमार ने न केवल इनके विचारों को पूरी तन्मयता के साथ सुना, बल्कि इसमें अपनी सहमति भी जताई। हांलाकि यह कोई प्रथम अवसर नहीं था, जब आयातित बुद्धिजीवियों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शान में कसीदे पढे हों। कल मौर्या होटल में एक हिन्दी अखबार के तत्वावधान में बिहार विकास रिपोर्ट नामक विशेष पुस्तक के लोकार्पण कार्यक्रम में शिरकत करते हुए अर्थशास्त्री अशोक देसाई ने नीतीश कुमार की शान में जमकर कसीदे पढे। अपने संबोधन में श्री देसाई ने कहा कि बिहार में असीम संभावनायें छिपी हैं और पिछले पांच सालों में बिहार ने अच्छी प्रगति की है। इन्होंने यह भी कहा कि बिहार को कारपोरेट के रुप में विकसित किया जाना चाहिये। पंचायती राज व्यवस्था का विरोध करते हुए श्री देसाई ने कहा कि जब विदेशों से यंत्र और अन्य चीजें आयात की जा सकती हैं, फ़िर शासन प्रणाली का आयात क्यों नहीं किया जा सकता है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी दिली इच्छा है कि देश के हर आदमी के भोजन की थाली में एक बिहारी व्यंजन हो। राज्य में कृषि क्षेत्र में असीम संभावनायें हैं। इन्होंने अपनी पीठ स्व्यं थपथपाते हुए कहा कि उनके राज में कानून का राज स्थापित हुआ है। अब पूरे राज्य की जनता चैन के साथ सोती है। देर रात तक महिलायें घर से बाहर निकलकर शापिंग करती हैं। इस अवसर पर नीतीश कुमार के चहेते बुद्धिजीवियों यथा शैवाल गुप्ता और प्रभात खबर के मुख्य संपादक हरिवंश एवं उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

के के पाठक पर गिरी गाज

कल जारी राज्यादेश के अनुसार मानव संसाधन विकास विभाग के सचिव के के पाठक पर सरकारी गाज गिरी और उन्हें बेल्ट्रान का निदेशक बनाया गया है। माना ज रहा है कि यह सरकारी कार्रवाई राज्य में नाराज चल रहे शिक्षकों को खुश करने के लिये किया गया है, तो कुछेक लोगों का यह भी मानना है कि अमृत प्रत्यय का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नजदीकी रिश्ता अधिक भारी पड़ा। विदित है कि श्री प्रत्यय के पिता के खिलाफ़ श्री पाठक ने कार्रवाई का लिखित आदेश दिया था।

राहुल करेंगे चुनावी अभियान की शुरुआत

कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी आगामी 4 सितम्बर को सहरसा और समस्तीपुर जिले से बिहार में कांग्रेस के चुनावी अभियान का शंखनाद करेंगे। इस आशय की जानकारी कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी महबूब अली कैसर ने दी है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी के बिहार प्रवास के दौरान ही कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जायेगा।

आर्थिक विकास के नये आंकड़े ने नीतीश सरकार के पूर्व के दावों को झुठलाया

कांग्रेस और भाजपा ने लोकसभा में आनन-फ़ानन में परमाणु दूर्घटना और नागरिक सुरक्षा विधेयक को पारित कर एक बार फ़िर से यह साबित कर दिया है कि इन दलों ने देश की संप्रभुता को अमेरिका के पास गिरवी रख दिया है। इतने अति महत्वपूर्ण विधेयक पर लोकसभा में कोई विचार-विमर्श नहीं किया जाना जनता के अधिकारों का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है। ये बातें भाकपा(माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने “अपना बिहार” विशेष बातचीत में कहीं।

राज्य में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी के एजेंडे के बारे में श्री भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी बेरोजगारी, महंगाई और विकास के नाम पर भ्रष्टाचार आदि के मुद्दे को लेकर आम जनता से न्याय के साथ विकास के नाम पर दिग्भ्रमित करने वाली नीतीश सरकार के खिलाफ़ जनमत मांगेगी। राज्य के समग्र विकास के लिये कृषि को प्रधानता दिये जाने की बात कहते हुए माले नेता ने बताया कि राज्य के आर्थिक विकास के नये आंकड़े ने नीतीश सरकार के पूर्व के दावों को झुठला दिया है। राज्य सरकार को यह बताना चाहिये कि पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग साढे ग्यारह फ़ीसदी आर्थिक विकास दर को हासिल कर पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहने वाला बिहार किन कारणों से पौने पांच फ़ीसदी दर के साथ 14वें स्थान पर सिमट गया है? राज्य सरकार को इसका भी खुलासा करना चाहिये कि किन कारणों से बिहार में कृषि क्षेत्र में एक बार फ़िर 17 प्रतिशत की ॠणात्मक वृद्धि दर्ज की गई है?

वामपंथी एकता के बारे में पूछे जाने पर श्री भट्टाचार्य ने कहा कि सीपीआई और सीपीएम नेताओं का राजद प्रेम उमड़ जाने के कारण इस एकता में अड़चन आ रही है। हांलाकि अभी भी वामपंथी एकता को बनाये रखने के प्रयास किये जा रहे हैं। लखीसराय जिले में पुलिस और नक्सली मुठभेड़ के संबंध में श्री भट्टाचार्य ने कहा कि पूरे देश में आपरेशन ग्रीन हंट की हवा निकल चुकी है। सच्चाई यह है कि इस जनाधिकारों का हिंसक तरीके से दमन कर सरकार समस्या को खत्म नहीं करन चाहती है। आवश्यकता इस बात की है कि राजनीतिक विचार-विमर्श और बातचीत के जरिये ही समस्या को दूर किया जा सकता है।

जातिगत जनगणना के सवाल पर श्री भट्टाचार्य ने कहा कि भाकपा(माले) ने कभी भी जाति की गणना का विरोध नहीं किया। इनका मानना है कि जब पूरे देश में जाति की राजनीति धड़ल्ले से की जा रही है, तो फ़िर जाति की गणना से कोई बहुत बड़ा अंतर नहीं आयेगा।

कैबिनेट की अंतिम बैठक में नीतीश सरकार ने चलाया ब्र्ह्मास्त्र, एक तीर से अल्पसंख्यकों और ब्राह्मणों को खुश करने की कवायद

नीतीश सरकार की कैबिनेट ने संभवतः अपने अंतिम बैठक में ब्रम्हास्त्र का उपयोग किया और एक ही तीर से नाराज चल रहे मौलवियों और पंडितों को खुश कर दिया। कल के बैठक में गैर मान्यता प्राप्त एवं गैर अनुदानित 2451 म्दरसों और 300 संस्कृत विद्यालयों को प्रस्वीकृति दिये जाने के साथ ही 127 करोड़ रुपये का अनुदान देने का निर्णय लिया।

रंग लाई यादवत्रयी महाबलियों की मेहनत

आखिरकार यादवत्रयी महाबलियों राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और जदयू के उप छद्म सुप्रीमो शरद यादव की मेहनत रंग लाई। कल लोकसभा में वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि जब सभी दलों को जातिगत जनगणना पर ऐतराज नहीं है तो सरकार ने भी जातिगत जनगणना कराने का निर्णय ले लिया है।

पटना कालेज में जमकर हुई राजनीति

कल पटना कालेज परिसर में उस समय जमकर राजनीति हुई जब छात्र जदयू के अध्यक्ष मो रमीज रजा के नेतृत्व में जदयू कार्यकर्ता छात्रों को जबरन सदस्य बना रहे थे। इस क्रम में मिन्टो छात्रावास के कुछ छात्रों ने जदयू कार्यकर्ताओं द्वारा जबरदस्ती किये जाने का विरोध किया तो दोनों ओर से जमकर हाकी स्टिक चले। घटना स्थल पर पहूंची पुलिस अधिकारियों ने भी जमकर राजनीति की और सभी जदयू समर्थकों को छोड़कर राजद समर्थकों को गिरफ़्तार कर लिया।

सी पी ठाकुर ने दिये नीतीश सरकार को 100 में 60

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष इन दिनों अपने विवादित बयानों के लिये प्रसिद्ध होते जा रहे हैं। अभी हाल ही में इनके दो बयानों ने जदयू और भाजपा के बिगड़ते रिश्ते पर मूहर लगाया है। डा ठाकुर ने पहले कहा कि किसी भी पार्टी में परिवारवाद नहीं है। यहां तक कि कांग्रेस भी परिवारवाद का समर्थन नहीं करती है। इसके अलावा डा ठाकुर का यह बयान कि नीतीश सरकार बड़ी मुशिक्ल से 60 फ़ीसदी अंक ला सकी है। इन्होंने बताया कि जन नमन यात्रा के दौरान बिहार वासियों ने जो समस्यायें गिनाईं, उनके आधार पर राज्य सरकार को जुगाड़ लगाते हुए 60 फ़ीसदी अंक दिया जा सकता है।

मोदी, वरूण बिहार आयेंगे - कलराज

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कलराज मिश्र ने साफ़ शब्दों में कह दिया कि बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार करने वरूण गांधी और नरेंद्र मोदी अवश्य आयेंगे। कल संवाददाता सम्मेलन में श्री मिश्रा ने कहा कि भाजपा किसी भी अपराधिक छवि और बाहुबली को टिकट नहीं देगी। इन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की कांग्रेस सरकार ने आम आदमी को राहत देने का वायदा किया था, लेकिन आज आम आदमी महंगाई से परेशान है।

राजद में आये जदयू के चार योद्धा

विधान सभा चुनाव में नेताओं का पाला बदलने का खेल जारी है। कल इसी क्रम में जदयू के चार नेताओं ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के सामने राजद की सदस्यता ग्रहण की। इनमें पूर्व मंत्री अशोक सिंह, पश्चिमी चंपारण के जदयू नेता अशोक कुशवाहा, सुपौल के जिला जदयू अध्यक्ष भूपनारायण यादव और संजीव कुमार सिंह के अलावा करीब 11 पंचायतों के मुखिया ने राजद की सदस्यता ग्रहण की।

इस अवसर पर राजद सुप्रीमो ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सांच को आंच क्या। अगर नीतीश कुमार इमानदार हैं तो साढे ग्यारह हजार रुपये की गलत निकासी की जांच सीबीआई से क्यों नहीं होने दे रहे हैं। इन्होने यह भी कहा कि अब नीतीश कुमार के विदायी की तैयारी चल रही है।

राजद विधायक राजेश सिंह जदयू में शामिल

राजद के धनहा विधायक राजेश सिंह ने आखिरकार जदयू की सदस्यता ग्रहण कर ली। कल जदयू के प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में श्री सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौज़ूदगी में जदयू में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं लालू और पासवान्।

बिल्ली के गले म घंटी कौन बांधे – लालू

पेड न्यूज यानि पैसा लेकर खबर छापने के विरोध में पटना के जागरूक पत्रकारों के नेतृत्व में देश के अनेक हिस्सों से आये पत्रकारों ने महासम्मेलन का आयोजन किया और इस पत्रकारों के इस मुहिम में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने भी साथ देने का वादा किया। साथ ही श्री प्रसाद ने यह भी कहा कि कसूर किसका है, यह सभी को मालूम है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधेगा।

श्री प्रसाद एंटी पेड न्यूज फ़ोरम द्वारा स्थानीय एल एन मिश्रा सामाजिक प्रबंधन संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा खम्भा है जिसपर आम जनता सबसे अधिक विश्वास करती है, क्योंकि यही वह माध्यम है जो पूरे समाज को तथ्यों की जानकारी उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही एक सच्चाई यह भी है कि मीडिया में आजकल समाचार के साथ विचार भी जबरन थोपे जाने की परंपरा की शुरुआत हो गई है, जो पत्रकारिता के लिये शुभ संकेत नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए श्री प्रसाद ने कहा कि मीडिया ने गाहे-बेगाहे अबतक जितना ट्रायल उनका किया है, यदि उतना ही ट्रायल नीतीश कुमार का होता तो श्री कुमार खड़े भी नहीं हो पाते।

इससे पहले अपने संबोधन में भाजपा सांसद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पत्रकारिता की स्वायत्ता की रक्षा हर कीमत पर की जानी चाहिये। यदि प्रेस की आजादी पर अंकुश लगाया गया तो इसका परिणाम अत्यंत ही भयावह होगा। अपने संबोधन में लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने कहा कि विज्ञापन और पेड न्यूज दो अलग-अलग बातें हैं। मीडिया को चलाने के लिये विज्ञापन अत्यंत आवश्यक है, लेकिन यदि पत्रकारों को विज्ञापन लिखने के लिये मजबूर किया जाये अथवा प्रलोभन दिया जाये तो निश्चित तौर पर यह गलत है और इसका विरोध किया जाना चाहिये।

भाकपा(माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि प्रेस पर पूंजीपतियों का कब्जा हो गया है और एंटी पेड न्यूज के समर्थन में जो मुहिस पटना से शुरु की गई है, उसे और अधिक धारदार बनाने की जरूरत है। इसके लिये समाज के सभी वर्गों को सामूहिक पहल करना होगा।

कार्यक्रम् के प्रारंभ में देश के अनेक हिस्सों से आये वरिष्ठ पत्रकारों ने पेड न्यूज के आकार और प्रकार के बारे में विस्तार से चर्चा की। नई दिल्ली के पत्रकार दिलीप मंडल ने वर्तमान के मीडिया जगत में व्याप्त कारपोरेट घरानों की हिस्सेदारी को जगजाहिर करते हुए कहा कि जब मीडिया हाऊसों मे अरबों रुपये का निवेश होता है, तो आम आदमी को यह उम्मीद छोड़ देनी चाहिये कि अखबार और टेलीविजन चैनलों पर ईमानदारी से सच्चाई परोसी जायेगी।

इस अवसर पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार जुगनू शारदेय, मणिकांत ठाकुर, निवेदिता, पुष्पराज, अमरनाथ तिवारी और अनिल प्रकाश सहित अनेक लोगों ने संबोधित किया।

भगवा आतंकवाद के मामले में कांग्रेस बरत रही नरमी

लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा आतंकवाद पुरे देश के लिये खतरा बन गया है और इस पर सख्त कार्रवाई करने के बदले कांग्रेस नरमी बरत रही है। लोजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में श्री पासवान ने कहा कि आर एस एस और बजरंग दल आदि संगठनों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिये।

सरकार बनी तो विकास होगी प्राथमिकता

राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है तो बिहार का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता होगी। श्री प्रसाद कल राजद के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्लेलन में बोल रहे थे। श्री प्रसाद ने कहा कि नीतीश सरकार के कार्यकाल में हुई घोटालों की जांच के लिये उच्च स्तरीय जांच आयोग का गठन किया जायेगा। इन्होंने कहा कि इस सरकार ने साढे ग्यारह हजार करोड़ रुपये के घोटाले के अलावे परिवहन, शराब और नरेगा सहित अनेक घोटाले हुए। आश्वासन के बावजूद प्रदेश में न तो कोई इंजीनियरिंग कालेज खुला और न ही कोई मेडिकल कालेज। एक भी चीनी मिल चालू नहीं हुई है। स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा चालू नहीं की गई। श्री प्रसाद ने कहा कि उनकी सरकार के कामों को विचारों से नहीं वयवहार से तौला जायेगा।

बिहार में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलेगा – शाहनवाज

बिहार भाजपा में एकमात्र अल्पसंख्यक शाहनवाज हुसैन ने दावा किया है कि बिहार में इस बार कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलेगा। जदयू और भाजपा बहुमत से सरकार बनायेंगे। बिहार के प्रादेशिक नेता बिहार का अपमान कर रहे हैं। कांग्रेस के नेताओं को जवाब देना चाहिये कि केंद्रीय मंत्रीमंडल में एक भी बिहारी मंत्री क्यों नहीं है? श्री हुसैन ने कहा कि यदि कांग्रेस बिहार के साथ दोहरा रवैया अपनायेगी तो आने वाले चुनाव में कांग्रेस का कोई नामलेवा भी नहीं रह जायेगा।

टिकटार्थी और ऊपर वाले की कृपा

बिहार में विधानसभा चुनाव होना है और सभी दल अपने उम्मीदवार तय करने की जुगत में लगे हैं। वैसे तो कांग्रेस और लोजपा को छोड़ सभी बड़े दलों के उम्मीदवार पहले से तय माने जा रहे हैं, लेकिन आम जनता को बेवकूफ़ बनाने के लिये कई दल बायोडाटा लेने का शिगूफ़ा छेड़ चुके हैं। कांग्रेस और लोजपा के पास तो बायोडाटा लेना ही एकमात्र विकल्प है। खैर सबसे बड़ा ड्रामा जदयू खेमे में हो रहा है। शुक्रवार और शनिवार यानि आज का दिन मुख्यमंत्री ने टिकटार्थियों से मिलने के लिये मुकर्रर किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 1000 लोगों ने मुख्यमंत्री से अप्वाईंटमेंट लिया है। इस प्रकार कल 1 अणे मार्ग पर टिकटार्थियों की भारी भीड़ लगी रही। आंखों में विधायक बनने का सपना लिये लोग 1 अणे मार्ग पर कड़ी धूप में भी जमे थे। पुरा नजारा यह संकेत दे रहा था कि बिहार में लोकतंत्र की यही दुर्गति हो सकती है। हांलाकि जितने लोग भी उपर वाले यानि मुख्यमंत्री से मिलकर बाहर आ रहे थे, उनमें कोई भी नेता ऐसा नहीं था, जिसे राजनीतिक गलियारे में अपवाद को छोड़कर कोई पहचानता भी हो। कुछेक उम्मीदवारों से अपना बिहार ने जानने का प्रयास किया तो, एक व्यक्ति ने कहा कि “बाओडाटा दे दिये हैं, अब देखिये ऊपरवाले की क्या महिमा होती है।“ प्रोफ़ेशनल रेज्यूम के जैसे अभ्यर्थियों ने अपने बायोडाटा में उन सभी बातों का जिक्र किया है, जिसकी आवश्यकता लोकतंत्र में शायद ही हो। इन सूचनाओं में चल-अचल संपत्ति से लेकर अपने वैवाहिक जीवन और झंडा ढोने के अनुभव आदि शामिल हैं। खास खबर यह कि जिन नेताओं का संबंध पूर्व में विपक्षी दलों से था, उन लोगों ने इसका पूरा इंतजाम कर रखा था कि उनके बायोडाटा में विपक्षी दल का जिक्र न हो। बहरहाल लोग कहते हैं कि ऊपरवाले के निगाह से कोई नहीं बच सकता है।

दावत – ए – इफ़्तार है या राजनीतिक चाल

वैसे तो हमारा देश धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां सभी धर्मों को समान सम्मान प्राप्त है। लेकिन बात जब रमजान की हो तो, हर साल इसका राजनीतिकरण हो जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण अल्पसंख्यकों का वोट बैंक है। अपने इसी बैंक को सुदृढ करने के फ़िराक में सभी दलों के नेता अपने-अपने आवास पर दावत-ए-इफ़्तार का आयोजन करते हैं। इसके बाद सभी लोगों को टोपी पहनाने की प्रथा दुहराई जाती है।

बहरहाल कल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने संयुक्त रुप से दावत-ए-इफ़्तार का आयोजन किया था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक और गैर अल्पसंख्यक उपस्थित हुए। एक परिपक्व मेजबान की तरह श्री प्रसाद ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और मुसलमान भाईयों के साथ मिलकर रोजा तोड़ा।

अब लालू प्रसाद के बाद जदयू के सुप्रीमो नीतीश कुमार और भाजपा के दावत-ए-इफ़्तार का इंतजार सभी को है। हाई वोल्टेज ड्रामा के इस खेल में किस दल को कितना फ़ायदा होगा यानि कौन मुसलमानों को सबसे अधिक अपने पाले में लाने में कामयाब होता है, यह तो विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वैसे भगवा आतंकवाद ने जहां एक ओर भाजपा-जदयू की राहों को मुश्किल कर दिया है और मुसलमानों को सबसे अधिक निराशा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आचरण से हुआ है, क्योंकि अभी तक श्री कुमार ने भगवा आतंकवाद के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं किया है।

जे पी आंदोलनकारियों ने उद्दंडता दिखाते हुए मानवता को किया शर्मसार

नीतीश कुमार ने पूरे बिहार को एक ऐसे नर्क में धकेल दिया है, जिसका परिणाम आने वाले सालों में बिहार को झेलना पड़ेगा। अब जिन लोगों ने जे पी के नेतृत्व में आंदोलन में भाग लिया था, उनको पेंशन देने की क्या आवश्यकता थी? आर ब्लाक चौराहे पर जे पी आंदोलनकारियों के प्रदर्शन से कड़ी धूप में जाम में फ़ंसे बिलबिला रहे एक आदमी ने जाम में फ़ंसे दूसरे आदमी से कहा। दूसरे ने कहा- नीतीश कुमार को अपने पाकेट से पैसा थोड़े न देना है कि ऊ कुछ सोचेगा। ऊ तो नेता है और उसका काम केवल आग लगाना है। हम जैसे आम आदमी के नसीब में केवल यही लिखा है कि जाम में फ़ंसों और अपना पैसा और समय बर्बाद करो। इ सब जो लोग नौटंकी कर रहा है, यदि हिम्मत है तो काहे नहीं नीतीश कुमार के घर को घेर लेते हैं, तो आर ब्लाक जाम करके आम आदमी को परेशान करना कहां की मानवता है?

कल का पूरा दिन जाम के नाम रहा। लोग जाम के कारण परेशान रहे। बच्चे स्कूल बसों और टेम्पूओं में बिलबिला रहे थे, लेकिन स्व्यं को जे पी का चेला कहने वाले लोगों को शर्म नहीं आ रही थी। वैसे पूरे मामले के तह में जायें तो लोगों का कहना एक हद तक सही ही तो है।

भगवा आतंकवाद पर गरमायी राजनीति

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदम्बरम के भगवा आतंकवाद संबंधी बयान राज्य के राजनीतिक आग में घी डालने का काम कर दिया है। कल राज्य सभा में राजद और लोजपा सदस्यों ने लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान के नेतृत्व में जमकर भाजपा नेताओं और कांग्रेस के विरोध में नारे लगाये। इस कारण भाजपा के सदस्यों के साथ उनकी तीखी नोंक-झोंक भी हुई।

इधर बिहार में राजद के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खां ने कल संवाददाता सम्मेलन में इस मामले पर नीतीश कुमार और कांग्रेस दोनों के खिलाफ़ हमला बोला। अपने बयान में श्री खां ने कहा कि मुसलमान युवकों को शक के आधार पर गिरफ़्तार किया जाता है और सारे सबूत रहने के बावजूद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, कर्नल पुरोहित और दयानंद जैसे आतंकवादियों के खिलाफ़ सरकार का मौन व्रत यही साबित करता है कि भगवा आतंकवाद को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है। श्री खां ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर अभी तक श्री कुमार ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं किया है। यह इस बात का प्रमाण है कि सत्ता के लोभ में इन्होंने भी भगवा आतंकवाद को अपना समर्थन दिया है।

भाजपा में टिकट को लेकर मचा घमासान

राज्य में भाजपा अब 130 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। प्रदेश भाजपा में टिकट पाने के लिये घमासान मचा हुआ है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह, पूर्व मंत्री विक्रम कुंवर, प्रदेश भाजापा के उपाध्यक्ष संजय मयूख, महामंत्री मंगल पांडे और सत्येन्द्र नारायण कुशवाहा सहित अनेक नेता विधायक बनने के लिये होड़ कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा में मचे इस घमासान को लेकर प्रदेश नेतृत्व काफ़ी गंभीर है और इसके लिये पार्टी की कोर कमेटी की बैठक सुशील कुमार मोदी के आवास पर हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री मोदी से 36 का रिश्ता रखने वाले नंद किशोर यादव भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस बैठक में भाजपा द्वारा कम से कम 130 सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी पर भी विचार किया गया।

पप्पु खां राजद से निष्कासित

पार्टी विरोध बयानबाजी के लिये राजद के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अकलियत प्रकोष्ठ के महासचिव वकील अहमद ऊर्फ़ पप्पु खां को राजद से निशासित कर दिया है।  श्री खां ने हाल ही में अल्पसंखयक को उपमुख्यमंत्री बनाये जाने की मांग की थी।

एसी बिल की जांच के लिये लोकहित याचिका दायर

एसी बिल के नाम पर वर्ष 2002 से लेकर 2010 तक निकाले गये 31 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय अनियमितता की जांच के लिये पटना उच्च न्यायालय में एक लोक हित याचिका अधिवक्ता अरविन्द कुमार शर्मा द्वारा दायर किया गया है। याचिका में मुख्यमंत्री और वित्त्मंत्री के निर्देश पर विभागीय सचिवों द्वारा फ़र्जी तरीके से डी सी बिल बनाये जाने की बात कही गई है। इस याचिका के संबंध में याचिकाकर्ता ने  क्लयाण विभाग के प्रधान सचिव विजय कुमार वर्मा द्वारा वित्त विभाग के प्रधान सचिव भानू प्रताप शर्मा को सूचित करते हुए लिखे गये विभागीय पत्र को आधार बनाया है, जिसमें यह कहा गया है कि बिना बजट के इतनी बड़ी राशि की निकासी की गई है, जो जांच का विषय है। इसके अलावा याचिका में विभिन्न विभागों द्वारा निकाले गये रुपयों की पूरी जानकारी दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग की पोल खुली, सफ़ल ब्रेन आपरेशन के बाद डाक्टरों की लापरवाही से नवजात की मौत

पीएमसीएच के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डा अरूण कुमार अग्रवाल ने अपनी चिकित्सकीय क्षमता का बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए लावारिस नवजात का पांच घंटे तक ब्रेन का सफ़ल आपरेशन किया। इसके बाद डा अग्रवाल नवजात बच्ची को जुनियर डाक्टरों के भरोसे छोड़कर घर चले गये। अचान उस नवजात की हालत खराब होने लगी और स्व्यं सेवी संस्था के प्रतिनिधि शिवेंद्र ने जब इस संबंध में जूनियर डाक्टरों से बच्ची को देखने की गुहार लगाई तो किसी ने ध्यान नहीं दिया। आखिरकार रात के एक बजे काफ़ी गुहार लगाने के बाद एक जूनियर डाक्टर ने डा अग्रवाल का मोबाइल नंबर दिया। सूचना मिलते ही डा अग्रवाल अस्पताल पहूंचे और लापरवाही के लिये जूनियर डाक्टरों एवं अन्य चिकित्साधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई, लेकिन इससे पहले कि डा अग्रवाल उस बच्ची की जान बचा पाते, पीएमसीएच के कर्मचारियों और डाक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी जान जा चुकी थी। 

विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरु

कल मुख्य चुनाव आयुक्त वाई एस कुरैशी और गृह सचिव जी के पिल्लई के साथ सुरक्षा आदि मुद्दों को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद बिहार विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आने वाले एक दो दिनों के अंदर बिहार विधान सभा चुनाव की घोषणा की जा सकती है।

विवि और महाविद्यालय के शिक्षकेत्तरकर्मियों को नया वेतनमान

राज्य सरकार ने राज्य के विवि एवं अंगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पुनरीक्षित वेतन की नयी संरचना को स्वीकृति प्रदान कर दिया है। छठे वेतनमान की नई संरचना पहली जनवरी 2006 से लागू होगी। कल कैबिनेट की बैठक में कई फ़ैसले लिये गये। इनमें सचिवालय सहायकों को संयुक्त सचिव बनाया जाना, श्रम संसाधन के बीमा चिकित्क्सकों की सेवानिवृति की उम्रसीमा 62 साल करने, पुलिस आधुनिकीकरण पर 62-50 करोड़ रुपये खर्च करने और बंद पड़े तीन चीनी मिलों को निजी हाथों में देने से हुई क्षतिपूर्ति के लिये 1-05 अरब रुपये देने आदि निर्णय शामिल है।

 

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इस हफ़्ते नवल की कविता

 

बिहार का समाचार देखा

 

गेहूं चावल का बढता भाव देखा,

गरीब जनता को लाचार देखा,

बिहार में आग का कहर देखा,

भईया, मैंने बिहार का समाचार देखा।

 

एनवाईटी में बिहार का विकास देखा,

पटना में नीतीश को परेशान देखा,

बटाईदारी बिल का कमाल देखा,

भईया मैंने बिहार का समाचार देखा।

 

सुशासन में सरकार का ग्राफ देखा,

विश्वबैंक का बिहार प्रेम अथाह देखा,

कागजों पर घोषणाओं का बाढ देखा,

भईया, मैंने बिहार का समाचार देखा।

 

साईकिल योजना का बहार देखा,

बेटियों का नया पोशाक देखा,

फ़िर भी स्कूलों को फ़टेहाल देखा,

भईया, मैंने बिहार का समाचार देखा।

 

पासवान का राजनीतिक राग देखा,

नीतीश का नया चमत्कार देखा,

लालू का पुराना अंदाज देखा,

भईया, मैंने बिहार का समाचार देखा।