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धरती के भगवान फ़िर बने शैतान डाक्टरों को धरती पर भगवान के रुप में माना जाता है, लेकिन राज्य में डाक्टर शैतान बनते जा रहे हैं। कल बेतिया में निजी प्रैक्टिस कर रही डा पूनम सिन्हा और इनके कर्मियों ने अधिवक्ता लिपिक राजेंद्र प्रसाद यादव की जमकर पिटाई कर दी। श्री यादव का दोष केवल इतना ही था कि इन्होंने डाक्टर से अपनी गर्भवती बहन का इलाज जल्दी करने का अनुरोध दिया। केवल इतना ही नहीं, शैतान के रुप में अवतरित डा पूनम सिन्हा और इनके गुंडों ने श्री यादव के जेब साढे तीन हजार रुपये, घड़ी और सोने की चेन भी छीन ली। इस संबंध में श्री यादव ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी में एक परिवाद दर्ज कराया है। पीएमसीएच में डाक्टरों का तांडव जारी पीएमसीएच के डाक्टरों ने एक तो मरीज के परिजनों के साथ हिंसक मारपीट की और अपनी ज्यादती पर अफ़सोस करने के बजाय इन्होंने हड़ताल का आहवान किया है। कल डाक्टरों के हड़ताल् के कारण करीब 6 मरीजों की मौत हो गई, जबकि करिब 57 मरीजों ने निजी अस्पतालों की ओर रुख कर लिया। सबसे अधिक परेशानी गरीब मरीजों की है, जिनके पास न तो इलाज के पैसे हैं और न ही कोई देखने वाला है। पीएमसीएच में डाक्टरों का तांडव पीएमसीएच एक बार फ़िर डाक्टरों के तांडव का गवाह बना। डाक्टर मानवता की सेवा करने के बदले मरीज के परिजनों को बेरहमी से पीट भी रहे थे और शुरुआत में मौका-ए-वारदात पर पहूंची पुलिस ने डाक्टरों को स्वतंत्र छोड़ दिया, परंतु जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी, तब पुलिस ने हस्तक्षेप किया। डाक्टर फ़िर भी शांत नहीं हुए और पुलिस कर्मियों पर भी प्राणघातक हमला किया। बाद में पुलिस ने भी जमकर लाठी भांजा और कुछ डाक्टर घायल हुए। पूरे मामले का केंद्र रहा एक मरीज की मौत्। आईसीयू में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के इंतजाम को लेकर हो-हल्ला मचाया था। लखीसराय में दो की हत्या लखीसराय जिले के बड़हिया थाने के जैतपुर गांव में कल रात अपराधियों ने टनमा सिंह और उसके सहयोगी राजीव सिंह की हत्या गोली मारकर कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक टनमा सिंह बलाक्त्कार और लूट के कई मामलों में अभियुक्त था और अभी हाल ही में जेल से छुटकर आया था। नक्सलियों ने बढाया अल्टीमेटम की अवधि लखीसराय जिले के कजरा पहाड़ियों पर अपहृत 4 पुलिस जवानों को लेकर दिये गये अल्टीमेटम की अवधि को नक्सलियों ने बढा दिया है। अब यह समयसीमा गुरुवार को 10 बजे तक कर दिया गया है। इधर एक टेलीविजन चैनल के माध्यम से नक्सलियों ने एक और गेम खेला है। इस चैनल ने बंधक पुलिसकर्मियों के साथ हुई बातचीत को प्रसारित किया है। सबसे बड़ा आश्चर्य यह कि इन पुलिस वालों का कहना है कि नक्सलियों ने उनके साथ कोई बदसलुकी नहीं की है। इससे पहले शिवहर के तरियानी प्रखंड के बीडीओ मनोज कुमार सिंह की बिना शर्त्त वापसी का रहस्य भी गहराता जा रहा है। अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि इस सकुशल वापसी के लिये मोटी रकम दी गई है जबकि श्री सिंह ने रिहाई के बाद बताया कि उन्हें नकसलियों ने केवल इस कारण छोड़ दिया कि उनके चेहरे पर उदासी थी। असल में बिहार सरकार के लिये यह सबसे बड़ी चुनौती है। अबतक कानून का राज स्थापित करने का दावा करने वाले नीतीश कुमार के माथे पर बल पड़ गया है। इनकी स्थिति सांप-छुछूंदर वाली हो गई है। एक तरफ़ चार जवान हैं तो दूसरी ओर आठ हार्ड कोर नक्सली। विपक्ष ने भी अपनी राजनीति शुरू कर दी है। उधर बिहार पुलिस के आला अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी लगाये हैं और पूरे इलाके में चल रहे काम्बिंग आपरेशन को रोक दिया गया है। ग्रीन हंट और नीतीश कुमार के कारपोरेट हमले का जवाब था लखीसराय मुठ्भेड़, नक्सलियों ने सरकार को दिया खुली चुनौती लखीसराय के कजरा पहाड़ी पर हुई घटना की जिम्मेवारी लेते हुए जमुई, लखीसराय और बांका जोन के माओवादी प्रवक्ता अविनाश ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार के आपरेशन ग्रीन हंट और नीतीश कुमार के कारपोरेट हमले का जवाब था। माओवादी कमांडर ने अपने बयान में राज्य सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि 36 घंटे के अंदर उनके 8 साथियों को नहीं छोड़ा गया तो, वे अपहृत पुलिस के चार जवानों की हत्या कर देंगे। अविनाश ने बताया कि राज्य सरकार 1 सितम्बर की शाम तक यदि माओवादी नेता जय पासवान ऊर्फ़ अशोक पासवान, विजय चौरसिया ऊर्फ़ नित्यानंद, प्रमोद वर्णवाल, प्रेम भुईंया, राम विलास तांती, रमेश टिर्की, अर्जून कोड़ा और रतु कोड़ा को ससम्मान रिहा करे। इसके बाद चार पुलिस कर्मियों को छोड़ दिया जायेगा। माओवादी कमांडर ने बताया कि सभी चार पुलिस कर्मी जिंदा हैं और सुरक्षित हैं। बेगूसराय में डेंगू का कहर बेगूसराय जिले में डेंगू के कहर के कारण शहर के हेमरा मुहल्ले के निवासी सुबोध प्रसाद की मृत्यु हो चुकी है जबकि वार्ड संख्या 19 के रतनपुर मुहल्ले की अनिता कुमारी पटना के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। इससे पहले लापरवाह जिला प्रशासन ने शहर को गंदगी से निजात दिलाने की तैयारी शुरु कर दी है। जिलाधिकारी जितेंद्र श्रीवास्तव ने गंदगी वाले स्थान को साफ़ कर गमेक्सीन एवं ब्लीचिंग पाऊडर का छिड़काव करने के लिये आदेश जारी कर दिया है। गंगा और कोशी के जलस्तर में वृद्धि कटिहार जिले के महानंदा नदी के जलस्तर में कमी आ रही है, वहीं गंगा, कोशी और बरण्डी आदि नदियों का जलस्तर तेजी से बढता जा रहा है। जल्सतर बढने के कारण स्थानीय निवासियों में बाढ का भय व्याप्त हो गया है। पूरे इलाके के निचले हिस्सों में बाढ का पानी आ जाने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसके गंगा और कोशी नदी के तटबंधों पर पानी का दबाव बढने से भी लोग भयाक्रांत हो गये हैं। मुक्त हुए अपहृत बीडीओ शिवहर जिले के तरियानी प्रखंड के बीडीओ मनोज कुमार सिंह को नकसलियों ने बिना किसी पुलिस कार्रवाई के ही मुक्त कर दिया है। श्री सिंह का अपहरण विगत रविवार को नक्सलियों ने उस समय कर लिया जब ये अपने क्षेत्र में चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने जा रहे थे। हांलाकि किन कारणों से नकस्लियों ने इनका अपहरण किया था और किन कारणों से इन्हें मुक्त कर दिया, ये सारे सवाल अनुत्तरित हैं। इसके अलावा बीडीओ के मुक्त होने पर जिला प्रशासन को राहत मिला है। मृतकों के परिजनों को मिलेंगे दस दस लाख रुपये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लखीसराय मुठभेड़ में मारे गये लोगों के आश्रितों को दस-दस लाख रुपये देने की घोषणा की है। घायल जवानों को देखने पीएमसीएच पहूंचे मुख्यमंत्री ये यह घोषणा की। विदित है कि इस मुठभेड़ में करीब 38 जवानों के मारे जाने की आशंका है। लख्रीसराय मुठभेड़ पर राजनीति शुरु लखीसराय जिले के कजरा पहाड़ी पर हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ पर बिहार सरकार की राजनीति शुरु हो गई है। बिहार के पुलिस के उच्चपदाधिकारियों ने अपनी कमियों को छिपाते हुए सारा कसूर सीआरपीएफ़ के जवानों पर थोप दिया है। जख्मी आरक्षी राजकुमार चौधरी ने अनुसार दो टुकड़ियों में कजरा पहाड़ी के इलाके में घुसकर कार्रवाई की जानी थी। रविवार को ग्यारह बजे एक टुकड़ी कबैया के ओ पी प्रभारी भूलन यादव के नेतृत्व में कजरा थाना क्षेते पुणाडीह गांव के निकट पहाड़ी को पार कर राजघाट नामक स्थान पर पहूंच गई। लेकिन दूसरी टुकड़ी को कजरा के थानाध्यक्ष इन्द्रदेव पासवान के नेतृत्व में पहूंचनी थी, लेकिन निर्धारित समय पर नहीं पहूंचने के कारण पह्ली टुकड़ी अकेले पड़ गई। फ़िर नक्सलियों ने इस दल को चारों ओर से घेर लिया और दनादन फ़ायरिंग करने लगे। नतीजतन पहली गोली भूलन यादव को लगी और दोनों ओर से लगभग 1500 चक्र गोलियां चलीं। इस दो तरफ़ा कार्रवाई में कितने लोग मारे गये, इसका हिसाब लगाना अभी मुशिक्ल है। पुलिस के उच्च पदाधिकारी भी इस मामले में कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं। कितनी सक्षम है बिहार पुलिस? बिहार पुलिस के महकमे में 26 फ़ीसदी पद रिक्त पड़े हैं। पटना जिले के पुलिस अफ़सरों को भले ही शेवरले कंपनी का ट्रेवेरा उपलब्ध करा दिया गया हो, लेकिन सुदूर जिलों में अभी भी बाबा आदम जमाने के जीप हैं। सूचना क्रांति के युग में भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में करीब 318 थाने ऐसे हैं, जहां के वायरलेस सिस्टम के खराब होने की सूचना है। सबसे बड़ा सवाल यह कि बिहार पुलिस के एक जवान के पास अंग्रेजों के जमाने की राइफ़ल है, जो नक्सलियों के हथियारों ए के 56 और मोर्टार कितना मुकाबला कर सकते हैं, इसकी कल्पना करना बेकार है। अंत में सबसे बड़ी सच्चाई। बिहार सरकार ने नक्सलियों से लोहा लेने के लिये अनुबंध के आधार पर सैप जवानों को नियुक्त किया और करीब 5 हजार सैप जवानों की प्रतिनियुक्ति पटना के थानों में पटना के हर चौक चौराहे पर वसूली के लिये कर दिया गया है। माओवादियों ने क्रेन को उड़ाया प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादियों ने कल गया जिले में गया-रजौली सड़क निर्माण में लगे नारायणी इंटरप्राइजेज कम्पनी के एक क्रेन को बम से उड़ा दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार की रात साढे ग्यारह बजे सशस्त्र माओवादियों ने मुफ़स्सिल थाना क्षेत्र के बंधुआ गांव में सड़क निर्माण कार्य में लगे गैमन इन्डिया एवं नारायणी इंटरप्राइजेज के कर्मचारियों को बंधक बना लिया और इनके साथ मारपीट किया। बाद में क्रेन एवं अन्य उपकरणों को डायनामाईट से उड़ा दिया। बंद हो सकता है कोशी का लाइफ़ लाइन मधेपुरा और पूर्णिया को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 107 पर कोशी नदी के उपर बने बी पी मंडल पुल का तीन पाया धंस जाने के कारण कोशी इलाके का लाईफ़ लाईन कहे जाने वाले इस पुल के बंद होने की संभावना बढ गई है। विदित है इस आरसीसी पुल का निर्माण वर्ष 1991 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के दिशा-निर्देश पर हुआ था। बाद के वर्षों में उचित रखरखाव के बिना इस पुल की हालत खराब होती जा रही थी। कल पाया संख्या 16, 17, 18 और 19 कें 5 ईंच तक धंस जाने से बड़ी गाड़ियों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। वैसे कोशी नदी का जलस्तर भी बहुत बढा हुआ है और पुल पर दबाव भी बना हुआ है। नक्सलियों के आतंक से थर्राया बिहार, दारोगा सहित 35 जवानों के मारे जाने की आशंका, शिवहर में बीडीओ का अपहरण पूरा बिहार नक्सलियों के कब्जे में है। इसका सबूत कल नक्सलियों ने लखीसराय, छपरा और शिवहर में एक साथ हमला कर दे दिया है। सबसे बड़ी खबर लखीसराय जिले के कंजरा थाना क्षेत्र में रामरसीगंज और शिवडीह के इलाके से आई है। यहां पुलिस के अभियान को उस समय जबर्दस्त झटका लगा, जब नक्सलियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। इस हमले में एक दारोगा सहित 35 पुलिस जवानों के मारे जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। हांलाकि इसकी पुष्टि अभी तक किसी अधिकारी ने नहीं की है। दूसरी बड़ी घटना शिवहर जिले के तरियानी प्रखंड की है, जहां बीडीओ मनोज कुमार सिंह का अपहरण माओवादियों द्वारा कर लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री सिंह अपने प्रखंड क्षेत्र में तरियानी छपरा पंचायत में बुथों की फ़ोटोग्राफ़ी और राशन-किरासन आदि का निरीक्षण करने जा रहे थे। इसी क्रम में माओवादियों ने उन्हें बंधक बना लिया और अपने साथ लेते चले गये। अधिकारिक सूत्रोंके अनुसार तिरहुत रेंज के आईजी गुप्तेश्वर पांडेय अपहृत बीडीओ की तलाश में जूट गये हैं। तीसरी घटना छपरा जिले के अमनौर में लेवी नहीं दिये जाने के कारण सड़क निर्माण करा रहे जे के एम इन्फ़्रास्ट्रक्चर प्रा लिमिटेड के अमनौर-सोन्हा पथ पर स्थित बेस कैंप पर धावा बोलकर नक्सलियों ने निर्माण कार्य में लगे पांच गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इन गाड़ियों में एक पे लोडर, जेसीबी मशीन, एक हेवी मिक्सर आदि शामिल है। बिहार में भी गूंजा आनर किलिंग वैसे तो बिहार के लिये यह कोई नई घटना नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कुख्यात हो चुके आनर किलिंग शब्द ने बिहार में भी दस्तक दे दिया है। पटना के नौबतपुर थाने के फ़रीदपुरा गांव के करीमन नोनिया ने ने अपनी सगी बहन 19 वर्षीया चानो की हत्या गोली मारकर कर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका फ़ुलवारी थाने के गोविंदपुर गांव में अपने प्रेमी के साथ रह रही थी। गोपालगंज में गंडक का कहर गोपालगंज जिले में गंडक नदी कहर बरपा रही है। नेपाल द्वारा 4-16 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी पानी हर सीमा को तोड़कर जिले सात प्रखंडों में फ़ैल गया है। इस कारण सैंकड़ों गांव भीषण बाढ की चपेट में है। गोपालगंज के सदर प्रखंड के रामपुर, टेंगराही और बराईपट्टी पंचायत पूरी तरह से प्रभावित हैं। गमहरिया, निरंजना, नवादा, सेमरा और धर्मपुरा आदि गांव नदी की तेज धार में विलीन हो चुके हैं। इस भीषण बाढ में हजारों लोग फ़ंसे हैं और पिछले चार दिनों से भूख के मारे तड़प रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन बाढ पीड़ितों को बचाने अथवा उन्हें राहत देने के लिये कोई सरकारी पहल नहीं की गई है। दानापुर दियारा में गंगा का कटाव शुरु गंगा नदी में पानी बढने से पटना के दानापुर के दियारा इलाके कई गांवों पर गंगा में विलीन होने का ख्तरा मंडराने लगा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पानापुर, कासिमचक, बिन्दटोली, हेतनपुर और हरशामचक आदि गांवों में कटाव शुरु हो गया है। इन गांवों में रहने वाले लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले जा रहे हैं। गोपालगंज के कई प्रखंडों में पानी घुसा, डीएम के आदेश के बावजूद राहत नहीं गोपालगंज के कई प्रखंडों में बाढ का पानी घुस जाने से स्थानीय निवासियों में अफ़रा-तफ़री मच गई है। सिंघवालिया प्रखंड के टनडसपुर, डुमरिया, बंजरिया और रामपुरवा आदि गांवों में बाढ का प्रलय प्रवेश कर गया है। वही बैकुंठपुर प्रखंड के महारानी पनडुडी, उसरी, फ़ैजुल्लाप्र और सलेमपुर आदि गांवों के 250 घरों में पानी घुस जाने की खबर प्राप्त हुई है। हांलाकि जिलाधिकारी बाला डी मुरुगन ने बाढ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद राहत के आदेश जारी किये, परंतु खबर लिखे जाने तक अभी तक बाढ पीड़ितों को कोई राहत नहीं मिल सका है। पलायन के मुद्दे को लेकर रोहतास में पुलिस फ़ायरिंग सासाराम के चेनारी थाना के तेलारी गांव का एक नवयुवक विकास कुमार अपने ही गांव के एक आदमी की सहायता से कोलकाता के एक व्यवसायी के यहां नौकरी करता था। रक्षाबंधन के अवसर पर घर आने की बात को लेकर विकास और उसके मालिक के बीच हुए विवाद में मालिक ने विकास को जमकर पीटा, जिससे उसकी मौत कोलकता में ही हो गई। इधर विकास के मरने की खबर को लेकर उसके परिजनों ने उस व्यक्ति की जमकर मारपीट किया जिसने विकास को नौकरी दिलवाया था। मारपीट के क्रम में हस्तक्षेप करने आई पुलिस को परिजनों के गुस्से का शिकार होना पड़ा और स्थिति काबू से बाहर होते देख पुलिस को फ़ायरिंग करना पड़ा। इस संघर्ष में 6 पुलिसकर्मी और एक दर्जन ग्रामीण घायल बताये गये हैं। रोहतास एसपी विकास वैभव ने इस पूरे मामले की पुष्टि की है। सारण तटबंध पर खतरा, रेड अलर्ट घोषित नेपाल बराज से 4 लाख 16 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से एक बार फ़िर सारण तटबंध पर खतरा मंडराने लगा है। इस खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि गंडक नदी के पानी को रोकने के लिये राजस्व छरकी एवं सारण तटबंध का निर्माण अंग्रेजों ने कराया था। आज इस तटबंध की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है। जलस्तर बढने से इसके अस्तित्व पर संकट आ गया है और कभी भी बांध टूट सकता है। यदि ऐसा हुआ तो तो गोपालगंज के अलावे सीवान और छपरा जिला भी प्रभावित होगा। बिहार में ज्यादा बाढ क्यों आती है? नेपाल से जब पानी बिहार के निचले इलाके में आता है तो जल का बहाव धीमा होने से सिल्ट इकट्ठा हो जाता है, जिससे बिहार में बाढ अधिक आती है। राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रुड़की के वैज्ञानिक डा ए के लोहानी ने कल सहारनपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि नेपाल और तिब्बत से आ रही बाढ बिहार की गंडक, बुढी गंडक, गंगा और कोसी नदियों में समाहित हो जाती हैं। बाढ का एक दूसरा सबसे बड़ा कारण बिहार में नहरों और जल संरक्षण का नहीं किया जाना है। बरसात के दिनों में अनेक छोटी-छोटी नदियां लबालब भर जाती हैं। जल संरक्षण नहीं किये जाने के कारण ये गंगा और कोसी सहित अनेक नदियों में मिल जाती हैं और नतीजतन बाढ आती है। बाढ में फ़ंस गये 21 मजिस्ट्रेट और 340 पुलिसकर्मी पश्चिम चम्पारण के बगहा के रायबारी प्रखंड के महुआ पंचायत में महावीरी झंडा को लेकर हुए विवाद को सुलझाने पहूंचे 21 मजिस्ट्रेट और 340 पुलिसकर्मी बाढ में फ़ंस गये हैं। बाढ में फ़ंसे लोगों में एसपी डा सिद्धार्थ मोहन जैन, एसडीएम राजीव कुमार सिंह, डीसीएलआर और डीएसपी सुधीर कुमार आदि शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार चंपारण तटबंध के टूट जाने के कारण मसान नदी में अचानक आई बाढ के कारण ये उच्चाधिकारी राहत के पात्र बन गये हैं, बाढ से निकलने के लिये इन लोगों को अपना सरकारी वाहन छोड़कर पैदल चलना पड़ रहा है। कोशी के जलस्तर में कमी कोशी नदी में विगत दो दिनों तक जारी उफ़ान के बाद जलस्तर में कमी आने से स्थानीय प्रशासन और निवासियों ने राहत की सांस ली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार खतरा अभी टला नहीं और लोगों का कहना है कि कोशी तटबंध में असली कटाव तो जलस्तर घटने के बाद शुरु होता है। मंगलवार को वीरपुर बराज से इस वर्ष का सर्वाधिक डिस्चार्ज 1 लाख 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति अत्यंत ही भयावह हो गई थी। तटबंध के अंदर बसे दर्जनों गांवों गोपालपुर, मुंगरार, बनैनिया, ढोली, सियानी, सनपतहा, मौजहा आदि में बाढ की तबाही जारी है। स्वास्थ्य विभाग की पोल खुली, सफ़ल ब्रेन आपरेशन के बाद डाक्टरों की लापरवाही से नवजात की मौत पीएमसीएच के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डा अरूण कुमार अग्रवाल ने अपनी चिकित्सकीय क्षमता का बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए लावारिस नवजात का पांच घंटे तक ब्रेन का सफ़ल आपरेशन किया। इसके बाद डा अग्रवाल नवजात बच्ची को जुनियर डाक्टरों के भरोसे छोड़कर घर चले गये। अचान उस नवजात की हालत खराब होने लगी और स्व्यं सेवी संस्था के प्रतिनिधि शिवेंद्र ने जब इस संबंध में जूनियर डाक्टरों से बच्ची को देखने की गुहार लगाई तो किसी ने ध्यान नहीं दिया। आखिरकार रात के एक बजे काफ़ी गुहार लगाने के बाद एक जूनियर डाक्टर ने डा अग्रवाल का मोबाइल नंबर दिया। सूचना मिलते ही डा अग्रवाल अस्पताल पहूंचे और लापरवाही के लिये जूनियर डाक्टरों एवं अन्य चिकित्साधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई, लेकिन इससे पहले कि डा अग्रवाल उस बच्ची की जान बचा पाते, पीएमसीएच के कर्मचारियों और डाक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी जान जा चुकी थी।
सुशासन में अब कैमूर शांति सेना जी हां, राज्य में नक्सलियों से निबटना अब राज्य सरकार के बूते की बात नहीं रही/ यही कारण है कि कैमूर की पहाड़ियों में रहने वाले ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिये कैमूर शांति सेना का गठन किया है। नक्सलियों का गढ माने जाने वाले नौहट्टा थाना के रेहल और आस-पास के गांवों में सोमवार को देर रात इस सेना के जवानों ने नक्सली कमांडर सहित चार नक्सलियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हांलाकि इस मुठभेड़ में एक ग्रामीन की मौत हो गई है। इलाके के एसपी विकास वैभव ने कामयाबी के लिये कैमूर शांति सेना को बधाई दी है। विवि और महाविद्यालय के शिक्षकेत्तरकर्मियों को नया वेतनमान राज्य सरकार ने राज्य के विवि एवं अंगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पुनरीक्षित वेतन की नयी संरचना को स्वीकृति प्रदान कर दिया है। छठे वेतनमान की नई संरचना पहली जनवरी 2006 से लागू होगी। कल कैबिनेट की बैठक में कई फ़ैसले लिये गये। इनमें सचिवालय सहायकों को संयुक्त सचिव बनाया जाना, श्रम संसाधन के बीमा चिकित्क्सकों की सेवानिवृति की उम्रसीमा 62 साल करने, पुलिस आधुनिकीकरण पर 62-50 करोड़ रुपये खर्च करने और बंद पड़े तीन चीनी मिलों को निजी हाथों में देने से हुई क्षतिपूर्ति के लिये 1-05 अरब रुपये देने आदि निर्णय शामिल है। सूबे में बारिश का कहर, 9 मरे जी हां, राज्य में सावन गया झुम के। जाते-जाते सावन ऐसा झुमा कि उसने 9 लोगों को मौत की नींद सुला दी। सूबे में लगातार हो रही बारिश के साथ ठनका यानि बिजली गिरने से नवादा में चार, हरनौत में चार और गया के रफ़ीगंज में एक आदमी के मरने की पुष्टि हुई है। बस पलटने से 7 मरे पटना जिले के बाढ अनुमंडल के बाढ सकसोहरा पथ पर बीती रात यात्रियों से भरी टाटा 407 के गड्ढे में पलट जाने के कारण 7 यात्रियों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। अनुमंडलाधिकारी शिव कुमार पंडित ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत मृतक के परिजनों को 15-15 हजार रुपये दे दिये गये हैं, जबकि पारिवारिक लाभ योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। दस साल की अबोध के साथ सामुहिक दुष्कर्म अपने पेट की आग बुझाने के लिये घोंघा चुनने गई दस साल की मासूम महादलित अबोध के साथ हवस के भूखे दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। बच्ची मूंह न खोले, इसके लिये इन दरिंदों ने चेहरे और सिर पर गंभीर वार भी किया। फ़िलहाल बच्ची पीएमसीएच में जीवन और मौत से जुझ रही है। फ़ुलवारी शरीफ़ के परसा बाजार थाने में घटी इस लोमहर्षक घटना पर स्थानीय पुलिस अधिकारी चुप्पी लगाये हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह माना जा रहा है कि दुष्कर्मियों में एक जदयू का स्थानीय नेता भी शामिल है। हांलाकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नामजद लोगों की तलाश के लिये छापे मारी की जा रही है।
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