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अपना बिहार निष्पक्षता हमारी पहचान
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राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोरो पर हैं। राज्य में बदले राजनीतिक बयार का परिणाम है कि अब राजनीतिक दल भी घोषणापत्र का मतलब समझने लगे हैं और बेहद संजीदगी के साथ ये दल अपने घोषणापत्र की तैयारी में जूटे हैं। इस क्रम में इन दलों की थिंक टैंकरों की टीम ने गहन विचार विमर्श शुरु कर दिया है। इस संबंध में अपना बिहार ने राज्य के सभी प्रमुख दलों के नेताओं के साथ बातचीत करने का प्रयास किया है। इस कड़ी में प्रस्तुत है राजद के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी से बातचीत के संपादित अंश।
अपना बिहार – विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बार आप किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जायेंगे? सिद्दीकी – हमारे लिये तो सबसे बड़ा मुद्दा राज्य सरकार द्वारा किया गया व्यापक भ्रष्टाचार है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि राजद ने जिन तथ्यों को लेकर पहले राज्य सरकार के खिला मुहिम चलाया था, वे सही निकले। इसके अलावा हम जनता को यह बतायेंगे कि किस प्रकार नीतीश कुमार ने उन्हें झूठे सपने दिखाकर उनकी गाढी कमाई का पैसा लूट लिया है। अपना बिहार – ये तो हुई आरोपों की बात। आप अपनी ओर से बिहार की जनता क्या कुछ नया देंगे? सिद्दीकी – हमारी पार्टी सामाजिक न्याय में विश्वास करती है। अपने 15 सालों के राज में हमने नीतीश कुमार जैसा आंकड़ेबाजी नहीं की, दारू की नदियां नहीं बहाई। हमने वंचित तबके को ताकतवर बनाने के लिये काम किया। इस बार भी हम जनता के बीच उनका अपना शासन देने के वायदे के साथ जायेंगे। आज का शासन क्या है? लोकतंत्र से लोक गायब हो गया है और लोक पर तंत्र हावी हो गया है। यदि हमारी सरकार बनी तो लोक हावी रहेगा। आज की हालत यह है कि जब सक्षम मंत्री को भी अपनी बात कहने का अधिकार नहीं है, तो आम आदमी की भला क्या बिसात है? हमारी पार्टी आम जनता से वादा करती है कि यदि हमारी सरकार बनी तो हम जीडीपी का खेल नहीं खेलेंगे। क्योंकि हमारे लिये बिहार के हर आदमी को काम मिले और उनके चेहरे पर खुशी ही विकास का असली प्रमाण है। जनवितरण प्रणाली में व्यापक सुधार लाकर सभी को खाद्यान्न मिले हम इसके लिये काम करेंगे और इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में जो खामियां आई हैं, उन्हें दूर करेंगे। अपना बिहार – राज्य के आर्थिक विकास के संबंध में आपकी पार्टी की क्या योजना है? सिद्दीकी – देखिये, यह सरकार केवल घोषणाओं की सरकार है। हम इनकी तरह यह तो घोषणा नहीं करेंगे कि तीन महीन में ही बिहार को अपराध मुक्त कर देंगे। परंतु हम जनता को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि यदि हमारी सरकार बनी तो हमारा पहला काम होगा, हर हाथ को काम देना। मनरेगा को सकारात्मक तरीके से लागु करने की विशेष रणनीति बनायेंगे। हम पहले ही कह चुके हैं कि गरीबों के चेहरे पर खुशी ही विकास का असली पैमाना हो सकता है। इसके लिये जरूरी यह है कि विकास का विकेंद्रीकरण हो। बुनियादी पहल के तौर पर हमारी पहली प्राथमिकता निस्संदेह कृषि में सुधार लाना होगा। इसके लिये हम लघु सिंचाई की योजनाओं को सबसे पहले लागू करेंगे और इसके अलावा वृहत सिंचाई योजना यानि नहरों को सुदृढ करने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा हम जल संरक्षण के प्रयास को भी जमीन पर उतारेंगे। इसके लिये वृक्षारोपण की प्रक्रिया में तेजी लायेंगे ताकि हरित बिहार की क्ल्पना को साकार किया जा सके। राज्य में कृषि आधारित उद्योगों की महती संभावना है। इसके लिये हम एक विशेष कृषि आधारित उद्योग नीति बनायेंगे। ऐसे उद्यमियों के लिये बिजली देने से लेकर मार्केटिंग के लिये भी विशेष कार्य योजना बनायेंगे। इसके बाद हम जिस दिशा में सबसे अधिक कार्य करेंगे, वह होगा बिहार ज्ञान के केंद्र के रुप में स्थापित करना। जबतक हम सत्ता में रहे हमने राज्य में 5 विश्वविध्यालय की स्थापना की। इनमें भूपेंद्र नारायण मंडल विवि, मधेपुरा, जयप्रकाश नारायण विवि, छपरा और वीर कुंवर सिंह विवि आरा शामिल हैं। जबकि वर्तमान राज्य सरकार बताये कि उसने कितने विवि की स्थापना किया है। यह हमारा ही प्रयास था कि पटना विवि समेत अनेक विवि में व्यावसायिक पाठयक्रम शुरू किये गये। आज की तारीख में इन संस्थाओं में वोकेशनल कोर्सों के छात्र या निजी संस्थाओं की ओर भाग रहे हैं या फ़िर अन्य राज्यों की ओर्। अपना बिहार – राज्य सरकार ने चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, चाणक्य विधि विवि और आईआईटी को शुरु करने की पहल तो किया ही है। सिद्दीकी – आप सर्वे कर लिजीये, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान और चाणक्य विधि विवि में। आपको सभी बड़े घरों के बच्चे मिलेंगे। हम सामाजिक न्याय की बात करते हैं। इसलिये अपने शासनकाल में हमने ये सारी सुविधायें विश्वविद्यालयों में उपलब्ध कराये। हमने बिहार विधि संस्थान को मजबूत बनाने का काम किया था, जिसे आज की तारीख में राज्य सरकार ने पंगु बना रखा है। अपना बिहार – राज्य सरकार का दावा है कि उसने बिहार निवेश के लायक माहौल बनाया है। सिद्दीकी – हम नीतीश कुमार जैसे झूठे तो हैं नहीं। सरकार हमेशा कहती है कि एक लाख 75 हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। लेकिन निवेश हुआ कितना और किसने किया? राज्य सरकार के ही प्रतिवेदन में इसका जिक्र है कि अबतक केवल 1500 करोड़ रुपये का निवेश स्थानीय उद्यमियों द्वारा किया। हमारा मानना है कि जबतक यहां के स्थानीय उद्यमियों को बढावा नहीं मिलेगा और वे सफ़ल नहीं होंगे तब तक राज्य का आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त नहीं होगा। अपना बिहार – क्या आप भूमि सुधार लागू करेंगे? सिद्दीकी – मेरा मानना है कि जबतक संपूर्ण भूमि सुधार को जमीन पर नहीं उतारा जायेगा, तबतक बिहार के किसानों की सम्स्या दूर नहीं होगी। लेकिन भूमि सुधार का मतलब केवल बटाईदारी बिल ही नहीं है, बल्कि हर खेत को पानी मिले, हर खेत की उपज क्षमता बढे और भूमि का वाजिब वितरण करना भी है। आज राज्य सरकार महादलितों को 3 डिसमिल जमीन देने का ढोल पीट रही है, हमने तो वर्ष 1999 में ही सभी भूमिहीनों और गृहविहीनों को 4-4 डिसमिल जमीन देने का निर्णय लिया था। |
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गरीबों के चेहरे पर खुशी, विकास का असली पैमाना – सिद्दीकी |