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अपना बिहार निष्पक्षता हमारी पहचान
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बिहार का एकमात्र दैनिक हिंदी न्यूज पोर्टल |
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खबरें बिहार के सतत विकास की |
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इस हफ़्ते की कविता |
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राज की बात |
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राहे बाटे – जीना इसी का नाम है लोग कहते हैं कि कई जन्मों तक अन्य योनियों में जन्म लेने के बाद आदमी मनुष्य बनकर इस धरती पर आता है। अब यह कितना सच है, इसका आकलन करने के बजाय यदि हम अपने जीवन को सार्थक बनाने की कोशिश करें, तो संभव है कि हम इस धरती के ॠण से उॠण हो सकें। यह कोई अध्यात्मिक उपदेश नहीं है, बल्कि एक सतत दर्द और दर्द के बाद नये जीवन की आस में होने वाली अनुभूति का परिणाम है। दरअसल कल काफ़ी दिनों के बाद देर रात तक अखबार में काम करना पड़ा। रात के ग्यारह बजने के बाद तक काम करने के बाद पत्रकार जाति के प्राणी अपना दिल हल्का करने के अनेक प्रकार के साधनों का इस्तेमाल करते हैं। मैं भी उनसे अलग नहीं हूं। इसलिये पटना स्टेशन के उसी चाय दूकान पर गया जहां चाय के साथ-साथ देश और दूनिया के हालात की जानकारी मुफ़्त में मिलती है। कल की बात अलग थी। एक तो आज के भारत बंद की चर्चा तो आगामी 9 जुलाई को सरकार के फ़ाइनल रिपोर्ट कार्ड की चर्चा। हर पत्रकार अपनी दलील दे रहा था कि बंद कितना और क्यों जरूरी है। |

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It was in the times of Former Hon. PM Atal Bihar Bajpai that all the effort was put in to have a political victory in Bihar. All the leaders starting from Hon’ble PM to influential MP’s from across the country came, rushing to show the development path to the people of Bihar. The same pattern was repeated by the Congress and other major parties. They all said that give us the administration and we will put Bihar on development platform. They all talked about Bihar, but none cared for the people of Bihar. The real people, who work in the farms day and night, who work on roads under hot sun to make the automobile ride faster and smoother, who work pulling rickshaws carrying people and goods from one corner of city to another, the younger generation who is looking for education and better future. The voice of the real people of Bihar is lost in the loud amplified announcements from the visitors. The non Bihari leaders go away to their own nest outside of Bihar and the waves of their announcements keep on echoing and is heard over and over again, quieting down the real voice of Bihar. The wave now creates a rift among the very people who are eager and working hard to make Bihar a better place. Our Bihari leaders, Mr. Nitish kumar, Mr. Lalu Prasad Yadav, Mr. Sushil Modi and Mr. Ram Vilas Paswan are all working for the people of Bihar. There is a competition among them that who will serve better, Who will care more and who will give the true development path to Bihar. All of them have their heart in right place. At one point all of them were even together with one voice. We need Jay Prakash Narayan with development agenda for the people of Bihar. One who will bring all the four forces together, one who will put the Bihar agenda above any of the party agenda. One who will make the industry grow, one who will have 10 % growth in agriculture, one who will have educational standard of world class for our children, one who will put a stop yearly destruction due to flood, one who will create respect for all individuals without discrimination. This can be done and will be done only by the people of Bihar not an outsider and they must make sure that the real voice of Bihar is not lost in loud amplified announcements. Special Reports
· आज के हरिवंश जी बनाम कल के हरिवंश जी · The Story of Bihar’s growth and facts by CSO · विशेष रिपोर्ट - क्यों बदला-बदला सा है हर नजारा? · विशेष रिपोर्ट – जीवन बचाना है तो बेटियों को बेटा मानिये · विकसित बिहार के लिये किसानों को दिखाना होगा 10 का दम - रमेश यादव · आखिर सरकार कब समझेगी बेटियों की मजबूरी? · इस हफ़्ते नवल की कविता - बिहार का समाचार देखा · तुफ़ान से हुई तबाही की विस्तृत रिपोर्ट के लिये क्लिक करें · क्यों टूटा नीतीश और ललन का याराना? · विकास की परिभाषा का सृजन कर रहा पूर्णिया जिले का चुनापुर गांव- पढिये विशेष रिपोर्ट · बिहार के सपूत को मध्यप्रदेश सरकार ने सराहा · Desh Ratna Dr. Rajendra Prasad Gold Medal Awarded at · IIMA · पूर्णिमा की तरह महीने में एक बार चमकता है बिहार - प्रोफ़ेसर नवल किशोर चौधरी
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जदयू-राजद सहित देश के 8 दलों की मान्यता खत्म चुनाव आयोग ने जदयू, राजद और उत्तरप्रदेश की समाजवादी पार्टी सहित देश के कुल 8 राजनीतिक दलों की मान्यता समाप्त कर दी है। परंतु बिहार के मीडिया जगत में केवल राजद के राष्ट्रीय नान्यता समाप्त करने की खबरें चलाई जा रही हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि मत प्रतिशत में कमी आने के कारण राजद की राष्ट्रीय मान्यता पर पहले से ही तलवार लटक रहा था। इस संबंध में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि मत प्रतिशत में कमी आने के कारण यह आदेश चुनाव आयोग ने दिया है। इन्हें विश्वास है कि आने वाले दिनों में इनकी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी और इन्हें फ़िर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकेगा। बताते चलें कि एक राष्ट्रीय दल को एक ही चुनाव चिन्ह के साथ पूरे देश में चुनाव लड़ने की आजादी होती है तथा प्रसार भारती के उपक्रमों अर्थार्त दूरदर्शन और आकाशवाणी पर चुनाव के दिनों में एक निश्चित समय आवंटित किया जाता है ताकि वे अपना चुनावी संबोधन कर सकें।
बिहार में चुनाव की घोषणा शीघ्र देश के नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त वाई एस कुरैशी ने कल संकेत दिया कि बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा जल्द ही की जायेगी। इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी अधिकारियों को बिहार में मतदाता सूची में व्याप्त सभी गड़बड़ियों और फ़ोटो पहचान पत्र उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया। सूत्रों की मानें तो अगस्त में बिहार में चुनाव की तिथि आदि की घोषणा की जा सकती है।
पटना पुलिस के एक दारोगा ने किया शर्मसार सचिवालय थाना में कार्यरत एक दारोगा ने विनीत नामक एक फ़ल विकेता युवक के साथ अप्राकृतिक यौनाचार करने का प्रयास कर पटना पुलिस को शर्मसार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले शनिवार की रात उक्त दारोगा ने विनीत को उस समय अपनी हिरासत में लिया जब वह अपने दूकान के सामने पड़े कचरे को पटना नगर निगम के एक कूड़ेदान में फ़ेंक रहा था। उस समय रात के 11 बजे थे। अपनी हिरासत में लेने के बाद दारोगा विनीत को आर ब्लाक के पास ले गया, जहां एक अस्थायी कैंप बनाया गया है। इस कैंप में लगी एक चौकी पर दारोगा ने विनीत को गलत करने को कहा। इस पर विनीत चीखने-चिल्लाने लगा और भाग निकला। इसके बाद भी उक्त दारोगा ने उस युवक का पीछा नहीं छोड़ा और कल रात में विनीत के घर पहूंच कर जबरदस्ती करने लगा। इस पर विनीत के चीखने और चिलल्लने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने बाबा के नाम से प्रसिद्ध इस दारोगा की जमकर खबर ली। पर्याप्त समय के बावजूद बहीं हुआ कोई प्रबंध, टूट गया महानंदा का तटबंध अब इसे राज्य सरकार की अकर्मण्यता कहें या फ़िर असंवेदनशीलता कि पर्याप्त समय और साधन रहने के बावजूद महानंदा नदी के पश्चिमी तटबंध को बचाया नहीं जा सका। गुरूवार की रात पूर्णिया के वायसी अनुमंडल डगरूआ प्रखंड के उसी स्थान पर करीब 2000 मीटर यानि दो किलोमीटर तक तटबंध में कटाव हुआ है, जहां वर्ष 1987 और 1989 में हुआ था। इस कटाव के कारण पूर्णिया के कई प्रखंडों में बाढ का पानी घुस गया है। लोग सुरक्षित स्थानों की भाग रहे हैं। इतना कुछ होने के बावजूद भी अभी तक राज्य सरकार की आंखें नहीं खुली हैं। खबर लिखे जाने तक किसी भी सरकारी पदाधिकारी के घटनास्थल पर पहूंचने की खबर प्राप्त नहीं हुई है।
बीच सड़क विधायक पति ने की विधायक की पिटाई यह घटना इस हफ़्ते की है। घटना बोरिंग रोड इलाके के बाबा लाज के पास की है। एक विधायक पति कौशल यादव ने अपनी विधायक पत्नी पूर्णिमा यादव की बीच सड़क जमकर पिटाई कर दी। महिला विधायक का कसूर केवल इतना था कि उसने अपने पति के कुत्ते को दूध नहीं दिया था। घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने नाम न छापने की शर्त्त पर बताया कि कौशल यादव ने करीब बीस मिनट तक अपनी पत्नी को पीटा और महिला विधायक के अंगरक्षक हाथ पर हाथ धरे खड़े रहे। हांलाकि इस संबंध में जब पूर्णिमा यादव से बातचीत करने का प्रयास किया गया, तब उन्होंने बताया कि ऐसा कुछ भी घटित नहीं हुआ था।
वेतम मांगने पर पत्रकारों को मिली गोली मारने की धमकी हमार टीवी के पूर्व के कर्मचारियों को चैनल के प्रबंधन ने गोली मारने की धमकी दी है। ये पत्रकार चैनल के मालिक से अपना पीएफ मांगने गए थे। करीब पचास की संख्या में ये पत्रकार अपने हक की मांग के लिए इकट्ठे हुए थे। इन पत्रकारों के मुताबिक जब उन्होंने चैनल के मालिक और हेड के समक्ष अपने बकाये पीएफ के भुगतान की मांग की तो उन्हें गोली मार देने की धमकी दी गयी। हमार टीवी के प्रबंधन ने इन पत्रकारों का वेतन भी काफी दिनों से नहीं दिया था। जब इस बारे में पत्रकारों ने आवाज उठायी तो ये प्रबंधन को नागवार गुजरी। इसके बाद प्रबंधन ने कई पत्रकारों को चलता किया और कई पत्रकारों ने इस्तीफा दे दिया। चैनल के प्रबंधन ने उनके बकाये वेतन का भुगतान तो कर दिया, लेकिन पीएफ का भुगतान नहीं किया। करीब तीन-चार महीने के लंबे इंतजार और आश्वासनों के बाद ये पत्रकार एकजुट होकर प्रबंधन के सामने गए तो पीएफ की बजाय गोली मारने की धमकी मिली।(दिल्ली से अजित पटेल की रिपोर्ट)
बिहार के विकास की कहानी, आंकड़ों की जुबानी सापेक्षवाद के सिद्धांत के आविष्कार ने दूनिया के अनेक समस्याओं को जन्म भी दिया है और अनेक समस्याओं का निराकरण किया है। बिहार के संदर्भ में सापेक्षवाद के नियमों का पालन करना कितना न्याय संगत होगा अथवा नहीं, यह अपने आप में सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न है। पिछले तीन सालों में अबतक अनेक ऐसी रिपोर्टें आईं हैं, जिन्होंने बिहार का विकास किसी न किसी के सापेक्ष में या तो विकास की दिशा में सबसे तेज गति से दौड़ लगाने वाला बताया। लेकिन क्या यह वाकई संभव है कि हर बिहार की तुलना गुजरात और महाराष्ट्र अथवा पंजाब या हरियाणा के सापेक्ष करें। Please click here to read complete report…………... भोज के समय कोहड़ा रोपने के आदी है बिजेंद्र यादव राज्य के जल संसाधन मंत्री बिजेंद्र यादव को भोज के समय कोहड़ा रोपने की पुरानी आदत है। इससे पहले फ़रवरी 2008 में जब स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कुशहा के तटबंध कमजोर हैं और उनके सुदृढीकरण किये जाने की आवश्यकता है, तब मई 2008 में यह काम अपने बहनोई गनपत यादव को दे दिया Please read the entire report ……………………………... कितने सच्चे हैं सरकार के दावे विधानसभ चुनाव होने को हैं। जहां एक ओर विपक्ष राज्य सरकार पर विफ़ल रहने के आरोप लगायेगा तो सत्तापक्ष अपनी उपलब्ध्यिओं के पुल बांधेगा। लेकिन इस रस्साकशी में तबाह होगी तो बिहार की जनता, जिसे न तो सीएजी की रिपोर्ट की कोई प्रति मिलती है और न ही राज्य सरकार लाखों रुपये खर्च कर अपनी विफ़लताओं की दास्तान आम जनता के सामने रखने का हिम्मत करती है। अपना बिहार ने 31 मार्च 2008 को समाप्त हुए वर्ष तक का सीएजी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के मुख्य अंशों को छापने की हिम्मत की है। आशा है आप सभी पाठकों को हमारा यह प्रयास अच्छा लगेगा। पूरी रिपोर्ट पढने के लिये यहां क्लिक करें ये बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष हैं या फ़िर एक शातिर अपराधी? यह सवाल हम आम जनता के हवाले करते हैं, बिहार की जनता को ही इसका जवाब देना चाहिये। जनप्रतिनिधि के रुप में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष पद पर पिछले 5 सालों से बैठे इस शख्स ने लोकतंत्र के नियमों की धज्जियां उड़ाई है। Please read the entire report.
गरीबों के चेहरे पर खुशी, विकास का असली पैमाना – सिद्दीकी राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोरो पर हैं। राज्य में बदले राजनीतिक बयार का परिणाम है कि अब राजनीतिक दल भी घोषणापत्र का मतलब समझने लगे हैं और बेहद संजीदगी के साथ ये दल अपने घोषणापत्र की तैयारी में जूटे हैं। इस क्रम में इन दलों की थिंक टैंकरों की टीम ने गहन विचार विमर्श शुरु कर दिया है। इस संबंध में अपना बिहार ने राज्य के सभी प्रमुख दलों के नेताओं के साथ बातचीत करने का प्रयास किया है। इस कड़ी में प्रस्तुत है राजद के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी से बातचीत के संपादित अंश। Please click here to read more
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Global Art by the Daughter of Bihar |
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बिहार के महानायक |
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प्रकाश झा प्रतिरोधक सिनेमा के जनक |
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आज हम जिस आदमी के बारे में बात करने जा रहे हैं, वह अप्रहारण की योजना बनाने वाला भी है और मृत्युदंड के सहारे सभी कुरीतियों को समाज से दूर करने का भगीरथ प्रयास करने वाला भी है। बिहार के इस सपूत का नाम है प्रकाश झा। Please click here to read the report |
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बिगड़ गए हैं हालात आजकल सुनता हूँ अकसर ! आरक्षित डिब्बे में पिंटू की चोर ने खीच ली सोने की चैन !
विकास से अब तो अपना नाता जोड़ो (नवल) आज हिंद में यह कैसा हुआ उद्घोष है, पिछड़ा बिहार पर चढा यह कैसा जोश है, हर बिहारी विकसित बिहार को सोच रहा, आज इस सवाल पर वे क्यों खामोश हैं? कुर्सी पर बैठ जो शासक की संज्ञा पाते हैं, लूट खसोट कर अपने घर की तिजोरी भ्ररते हैं, आम बिहारी भूख से दम तोड़ रहा नितदिन, वे होटलों में गरीबों के नाम की खस्सी खाते हैं। आंकड़ों मे ही हो रहा विकास बिहार का, सभी गुणगाण कर रहे नीतीश सरकार का, बेचारा किसान धरती का फ़टा कलेजा देख, खून कर रहा अपने ही हाथों अपने अरमान का। यह कैसा कोलाहल पूरे बिहार में छाया है, सुना है इस धरती पर कोई देवदूत आया है, उसके पैरों तले मर गये कई गरीब बेचारे, शायद बिहार को विकसित बिहार बनाने आया है। क्या ये कर सकेंगे बिहार का कोई भला, या छिड़केंगे नमक जहां बिहार है जला, अपने बिहार को हम ही विकसित बनायेंगे, किसी और के बाजूओं में ताकत कहां भला। जागो हे मेहनतकश बिहारी, अपनी खामोशी तोड़ो, जिंदा कौम अब तो बिहार से अपना नाता जोड़ो, धर्म औ जात के नाम पर बहुत लड़ चुके अब तक, मिटा विभेद, विकास से अब तो अपना नाता जोड़ो।
इन्हें भी पढें मेरे आंगन में शीशम का एक पेड़ है पाठकों से अपना बिहार के इस साहित्यिक स्तंभ में आपका स्वागत है। आप भी अपनी रचनायें अपनी एक तस्वीर के साथ हमें अवश्य भेजें। हम आपकी रचनाओं को अवश्य प्रकाशित करेंगे। हमरा पता है - editor@apnabihar.org
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बिगड़ गए हैं हालात आजकल सुनता हूँ अकसर धनञ्जय तिवारी |
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पटना की होनहार बेटी पल्लवी शर्मा ने अपनी कलाकारी के बूते पूरे अमेरिका में बिहार का नाम रौशन किया है। इनके बनाये कलाकृतियों की सराहना विश्व स्तर पर हुई है। हम सभी बिहारियों को इनकी इस उपलब्धि पर नाज है। |